Chhattisgarhi shayari छत्तीसगरही शायरी


 जय जोहार संगवारी हो मोर नाव योगेश,अउ स्वागत हे आप मन ल,मोर ब्लॉग म,

संगवारी हो आप मन ह छत्तीसगरही शायरी तो जरूर पढ़त होहु,।।

त संगवारी हो आज मेहा कुछ छत्तीसगरही शायरी ये पोस्ट मे लिखे के कोसिस

करहु संगवारी हो अगर आप मन ल शायरी पसंद आहि त शेयर कर देहु संगवारी हो ।।

(1) मोर दिल म तोर बर कहानी लिखे हो।।

अरे एक ठीन् नही पगली बहुत कन लिखे हो...

करे कर ते तोर हर दुआ मे मोला शामिल।।

कबर की मोर हर एक सांस ला तोर नाम करे हो...

        
     




(2)करले तै भरेसा संगी मोर मया के, तोला अपने मन म बसाहुँ।।

आँखि आँखि म झूलत रथस, देखबे अब तुहीच ल मोर डउकी बनाहुँ।।

😍😍😍😍😍😍😍😍

        


(3)दूसर के मया म, तै तो  मोला भुला गेस।।

हँसाये के वादा करके, तै तो मोला धरे-धर आंसू के रोवा देस।। 😭😭😭😭😭

        


(4)मया के बंधना भी कतका अजीब होथे संगी,
 दुरिहा रहिके भी हिरदे के करीब होथे।
मैं तो होगेव माया म बर्बाद संगवारी हो, 
त का करो संगवारी हो अपन अपन के नसीब होथे....
    

(5)बारिस ल देख के मोला एक शायरी याद आ जाथे।।
कोंन् जानी क बात हे,ये बारिश के मौसाम म...
जेहा सब के दिल म समा जाथे।।
आउ जब जब गिरथे न,बादर ले पानी।।
तब तब मोला मोर मयारू जोड़ी के याद आ जाथे....


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