अदरक के क्या फायदे है?
अदरक- अदरक गीली गाँठ है, जो जमीकन्द की तरह जमीन में गढ़ी-गढ़ी बढ़ती रहती है। उसमें से जितनी आवश्यकता है, काटकर शेष भाग को फिर जमीन में गाड़ा और भविष्य के लिए बढ़ते रहने दिया जाता है। यही अदरक जब सुखा लिया जाता है, तब सोंठ बन जाता है। बोने के लिए इसके टुकड़े काट-काट कर ही गाढ़ दिए जाते हैं। इसमें बीज नहीं होता। अदरक पाचक है। पेट में कब्ज, गैस बनना, वमन, खाँसी, कफ, जुकाम आदि में इसे काम में लाया जाता है। नमक मिली चटनी बनाकर चाटते रहने, बारीक न पीस सके, तो टुकड़े मुँह में डालकर चूसते रहने से लाभ होता है। बच्चों के लिए रस के रूप में किया जा सकता है। अदरक का रस और शहद मिलाकर चाटते. • रहने से दमा, श्वाँस खाँसी से लेकर क्षय रोग तक में सुधार होता है। हिचकी, जमुहाई का अनुपात बढ़ जाए, तो भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। दाढ़ के दर्द में भी इसका सेवन उपयोगी है। प्रयुक्त प्रती अदरक और सोंठ के गुण एक जैसे होते हैं, पर जब चूर्ण में उसका प्रयोग करना हो, तो सोंठ लेना ही उपयुक्त है। उसमें अदरक की तरह बार-बार पीसने का झंझट नहीं रहत...